आपकी ख़िदमत में
तेरी गज़लों की खुशबू से महक जाते हैं
तेरी गली आकर यूँ ही ठहर जाते हैं,
चांदनी रातें आकर कितनी चली गयीं
इन रातों के सपनों में बहक जातें हैं |
तेरी गज़लों की खुशबू से महक जाते हैं
तेरी गली आकर यूँ ही ठहर जाते हैं,
चांदनी रातें आकर कितनी चली गयीं
इन रातों के सपनों में बहक जातें हैं |
मुस्कुराता मुखड़ा कभी आपका देखा था,
आसमाँ के चाँद को उस दिन बेनूर देखा था,
मुद्दतों बाद आप आज हमसे कुछ रूबरू है,
आज नजदीक से देखा तो जाना हमने
आधा ही तो ख्वाब देखा था |
जमाने लगे थे जिन इरादों को दिल में समेट लेने मे
आज सारे बगावत आपकी खातिर कर रहे हैं
चाहते हैं आशियाना आपका हो हमारे दिल में
आज सारे बगावत आपकी खातिर कर रहे हैं
चाहते हैं आशियाना आपका हो हमारे दिल में
इसलिए ख़िदमत में आपकी
ये नज़राना पेश कर रहे हैं ।
-------------- निशान्त
ये नज़राना पेश कर रहे हैं ।
-------------- निशान्त
