किस्मत ने बदलने का मुझे मौका यूँ दिया
जो मै था वही हूँ पर जो हूँ वो नहीं था |
एक शेर से महफ़िल में नशा हो गया देखो
इस शेर में मय है ,मय में शेर नहीं था|
मेरे
इश्क़ के मशहूर हो जाने से से पहले तक
मेरा नाम नहीं था पर मैं बदनाम नहीं था |
वो खामोश थी,उसकी निगाहों से ये जाना
वो खामोश भले थी ,दिल खामोश नहीं था|
नज़रो से नहीं थी मिली नज़रें जब तलक
मुहब्बत मुझमे थी लेकिन मैं मुहब्बत में नही था |
वो न मिला मुझको तो क्या खूब मज़ा है ,
वो मिल गया होता तो क्या ख़ाक मज़ा था|
"मुझसे ना निभाई गयी उसकी वो मुहब्बत
था 'इश्क़' वो भी मेरा ही पर 'इश्क़' नहीं था|
---------- 'निशांत'
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