तुम आकर आग़ोश करो .....
तेरी मुस्कानों वाली इक दुनिया हो
और प्यार भरे अलफ़ाज़ रहे....|
तड़प भरी कोई हसरत हो और
दिल में फिर भी एक सुकून रहे...|
खामोश रहे हर ज़र्रा ज़र्रा
आवाज़ भरी बस हंसी रहे...|
ख्वाबो में खुल जाए ऐसे,
हो दरवाज़े लेकिन बन्द रहे......|
चुपचाप रहे बस बहता यूँ ही..
दरिया कह दूँ तो शोर करे..|
आसपास फिर बारिश हो और -
तू आकर मुझमे आग़ोश करे....|
--------------------------------------------निशान्त
No comments:
Post a Comment